लोकप्रिय पोस्ट

मंगलवार, 26 अक्टूबर 2010

समझना के भूल गए है हम,
याद तोः आपको हम सुबह शाम करते है
होकर जिंदगी से नाता नही तोड़ते,
मुश्किल हो राह फ़िर भी मंजिल नही छोड़ते,
तनहा ना समझना खुदको कभी,
हम उनमे से है,
जो कभी साथ नही छोड़ ते
की हर बूँद मे समाये हो तुम,
हर दिल मे ख़ास जगह बनाये हो तुम ,
यूँ तोह हमदर्द की कमी नही,
पर ना जाने आज बहुत याद आ रहे हो तुम
फूल अजीब था,
कभी हमारे भी बहुत करीब था,
जब हम चाहने लगे उसे,
तो पता चला वो किसी दूसरे का नसीब था
सबको प्यार देने की आदत है हमें,
अपनी अलग पहचान बनने की आदत है हमेंकितना भी ज़ख्म दे हमें कोई,
उतना ही मुस्कराने की आदत है हमें
हुए उसके हाथों ने , तेरी कलाई को इस कदर छुआ है
,जैसे उसकी धड़कन पुच रही हो, भइया टाइम क्या हुआ है ?
जब आसमान गरजता होगा,
तो मौसम भी अपना रंग बदलता होगा,
जब उठती होगी आप की निगाहें,
तो खुदा भी गिर गिर कर संभालता होगा
सिर्फ़ वोह नही होता, जो जीवन भर साथ निभाएं,
साथ तो वो होता है जो जीवन के कुछ पलों में ही जीवन भर के साथ दे जाए
harbajan

सोमवार, 13 सितंबर 2010

ख्वाब वो है ज़ो सोचने पर मजबूर करता है,
ख्वाब वो है ज़ो जिंदगी को आगे बढ़ाता है,
ख्वाब वो है ज़ो सचाई से सामना करता है,
ख्वाब वो है ज़ो इन्सान को बड़ा बनता है ,

मंगलवार, 13 जुलाई 2010

LEKCHAY

क्या सोच रहा है, तू इस कदर सर झुका कर,
सोचना है तो लक्ष्य को ध्यान कर!
भटक के चले जायंगे ये सभी,
नैनों की संत्रन्गियो मै ना ULAJHA कर!
आंख खुलेगी तो डर जाओगे,
सपनो की समंदर मे मत डूबा कर !
रहबर समझगे तुझे सब राहगीर,
यू ना अपनी राह को बदलकर !
शर्मा जाते है राहागुजर भी,
राह को यूँ देर तक न देखा कर!
दरिया को देख, न जाने कब से बह रही है ,
बताता है समय, तुझे कह कर!
बहुरुपेया है TAIRA पर्दा भी,
मत अपना समझने की भूल कर ना!
अजब रिश्ता है उसका, साथ तेरे,
इस बात को तू समझा कर!
यकीन उसपे भी आयेगा
पहले खुद पर भरोसा कर!
हिमालय को ललकार रहा है ,
ये पर्वत ढह- ढह कर !
पैर बन जाये न पत्थर कही,
जादूनगरी से बच कर गुजरा कर!
ज़माने से सह रहा है जिसे तू ,
हो सके तो उस सजा से प्यार कर!
रात गहरी है कदम जख्मी है,
चलना है अभी दूर तक, होसला बुलन्द कर !

ये जुदाई

आज दूर है मुझसे तू जितनी ,
कल उतने ही करीब होगी,
आज अँधेरा है जीवन मेरा,
कल सहर भी जरुर होगी,
मन की उजाला मिल गया मुझको,मगर
ये अँधेरा कब दूर होगी!
अलस भोर मे मंदिर की घंटिया तुम्हे मरी याद दिलाएगी,
दूर कही बहती झरने की कल-कल से मेरी आवाज आयेगी,
माना की मैने गलती की है,
मगर मै कोई फरिस्ता नहीं,
मै आज रोता हूँ, तुम्हे याद करके,
कल तू ही मुझे मनायेगी,
आज मजबूर है मेरे हाँथ,
लिखने को तुझे याद कर के,
कल मेरी याद तुझे भी रुलायेगी,
मेरा प्यार कोई रेत का महल नहीं,
जिसे हिज्र की ज्वार उड़ा ले जायेगी,
ये मेरा प्यार है,सुनामी भी शर्मा के चली जायेगी,
जब भी हवा का रुख बदलेगा,
तुम्हे मेरी याद आयेगी,
सुवह का मौसम खिला-२,
तुम्हे मेरी याद दिलायेगी,
शाम धूलि -धूलि सी होगी, मेरी याद आयेगी,
मै अब भी इबादत करता हूँ तेरी,
जाने तू कब समझ पायेगी!!!!!!!!!!!!

लाल पत्थर

देखता हूँ मै इन हाथों को रहरहकर,
लकिन इन्होने ही थामा था, उसे मगर,
यादों को उसकी रखता हूँ इस कदर,
लगी रहती हैं प्यास पहर पहर!
मेरे खून से घुले हुये ये पत्थर,
कुछ कहते है, किले के लाल पत्थर से,
तेरे वफा का रंग भी लाल है,
मगर मुझपर बेवफाई का रंग है!
इन पत्थरों ने देखा है, मरते लोगों को वफाई पर,
आज ये रों रही है उनकी बेवफाई पर,
महफिलों ये समां बांधती थी ज़ो पत्थर,
आज मजबूर है क्रंदन करने पर!
पैरों से घिस कर कोमल हुये ये पत्थर,
कहते है मुझे उस वेवफा को मत याद कर,
ये लाल पत्थर तू जान लेले मेरा,अगर
कहीं वो न आ जाये मेरे कब्र पर,
gul sarminda था मेरे कब्र पर,
रों rahae the लाल पत्थर .......!

खुबसूरत बला से कभी प्यार न करना

मत रखो हसरत किसी के दीदार की,
आँखों मै मत बसना सूरत एयार की,
न जाने कब खत्म होंगी घडी इंतजार की,
वो न आयेगी तो खिल न पायेगी कली बहार की!
मिल न पाओ ज़ो उससे तो कुछ गम न करना,
खुबसूरत बला से कभी प्यार न करना,
कातिलाना अदा से तोड़ देगी दिल वो वरना,
प्यार करना मुश्किल नहीं ऐ दोस्त यहा,
मगर उसे निभाना नहीं आंसा,
प्यार तो कर लेते है सब इस जहाँ मै,
पर सच्चा प्यार पाना नहीं आसन,
कुछ फूल खिलेंगे अरमानो के,
जी कर के तुम मुस्कुरा न सकोगे,
दिल खून हों जायेगा तुम्हारा रो-रो कर,
मगर आंसू भी तुम बहा न सकोगे!
ये प्यार ऐसी चीज है ए दोस्त,
क्या-क्या तुम्हे बना देगी,
गर कुछ न बन पाओगे,वो
तमाशा तुम्हे बना देगी!.........

समय की पहचान

मेरे मुकदर मे लिखा क्या होगा,
अगर ये अच्छा तो बुरा क्या होगा,
ठुकराया है दुनिया ने इसकी मर्जी,
तू ही नहीं तो दुनिया क्या होगी,
जख्म दिलों मे होते है, होठो पे नहीं,
खीजा क्या है,पता फूलों को क्या होगा,
चाहा था तूझे तेरे चेहरे का नूर देख कर,
पता क्या था तेरा दिल इतना बेनूर होगा,
मेरे ख़वाब तो धुधला गये सारे,
पर तेरा ख़वाब सुनहरा जरुर होगा,
मालूम नहीं घर जल गया मेरा,
जलता दिया छोड़कर आया जरुर होगा,
आज मशहुर हुये तुम मेरी रुसवयियो से,
मगर पूछेंगे सब सवाल तुझसे,
कल समय का ये तकाजा भी जरुर होगा,
हल्की आह निकली दिल टूटने का मेरा,
जो तेरे कानों तक पहुचा जरुर होगा,
मत होना तू उदास,क्योकि,
तेरे दिल से कितनो का दिल जुडा होगा!

अनजान है ये

कितने अनजान है ये पत्ते,
जो अपने जड़ को नहीं जानते है ,
नीचे भेअद रहा शजड़ कोई,
फिर भी ये पते हंसते है,
क्या मौसम था और कैसा बयार था,
क्या बाजार था और कैसे खरीदार थे,
मायूस था फल फूल और माली,
मगर बिक रहे थे पत्ते,
चांह था मैने दश्त मे घुसन,
जब हों रहे कत्लायम थे,
बच न पाया मै काल से क्यौकी कदमों तले चीख जो रहे थे पत्ते,
मौसमे बहार आयीं,
हंस के आ रहे थे पत्ते,
अब खिजा की साखियो शजड़ ,
न थे पर और न थीउडने का हुनर,
शजड़ जमीन से देख रंहा था फलक ,
हवा की बदौलत चूम रहे थे फलक पत्ते,
ये बेजान मूक तो कभी अधमरे पत्ते ,
कुछ हम भी है इसी कदर,
कुछ आस मिली तो उड़ते है हों सजग,
उमीदों की पांख फैलाये उड़ते है,
कभी इस चमन तो कभी उस चमन!

आज की लडकिया

छोटे-छोटे कपड़ो मे बड़ी-बड़ी लडकिया,

नये जमाने के फैशन मे ढल रही है लडकिय,

छोड़ पुराने रिवाजो को बढ़ रही है,लडकिया,

साड़ी सलवार हो या सूट पहनना भूल गई है लडकिय,

टॉप मिनी स्कर्ट मे घूम रही है लडकिया,

हाय हेल्लो के जमाने मे पल रही लडकिया,

फैशन मे चूर होकर घूम रही है लडकिया,

फटे कपडे पहनने को फैसन बताती लडकिया,

इंग्लिश मे फटर-फटर बोल सभ्यता सिखाती लडकिया,

छोटे-छोटे कपड़ो मे सडको पर घुमती है लडकिया,

क्लास हो या सडको पर निगाहेघुमाती है लडकिया,

नैन मटका करने मे माहिर है यह लडकिया,

पडे जो इन के चकर मे उनको उल्लू बनाती है लडकिया,

एक नहीं,दो नहीं दस से चक्करचलाती है ये लडकिया,

अपना उल्लू सीधा कर किसी और पर जान छिड़कती लडकिया,

दिन रात अनारकलि,सलीम की डायलोग मारती लडकिया,

लैला मजनू का वास्ता सिखाती है लडकिया,

पडे जो इनके चक्कर मे उनको उल्लू बनाती है लडकिया,

छोड़ पडाही-लिखही यह हेरोइन बनाना चाहती है लडकिया,

माँ-बाप के सपनो को झूठा बतलाती लडकिया,

उनके सपनो को तोड़कर अपनी महल बनाती लडकिया,

पैसा लेकर पिचरहाल,मोल,रेस्त्र मे घूमती है लडकिया,

शराब पीकर,सिगरेट को धुये मई उड़ाती ये लडकिया,

सही समय पर कुछ नहीं मिले तो सुसाईट करती ये लडकिया,

छोटे- छोटे कपड़ो मे बड़ी-बड़ी लडकिया,